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कागज पर दुरुस्त है।गढ़पुरा प्रखंड की प्राथमिक और अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र, मरहम- पट्टी तक ही सुविधा

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कागज पर दुरुस्त है।गढ़पुरा प्रखंड की प्राथमिक और अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र, मरहम- पट्टी तक ही सुविधा

कागज पर दुरुस्त है। गढ़पुरा प्रखंड की प्राथमिक और अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र, मरहम- पट्टी तक ही सुविधा

बेगूसराय रिपोर्टर -ऋषि कुमार सत्यम

*गढ़पुरा (बेगूसराय)*: कहने को तो गढ़पुरा प्रखंड के ग्रामीण इलाके के लोगों को चिकित्सीय सुविधा मुहैया कराने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से लेकर अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र व उप स्वास्थ्य केंद्र तक की व्यवस्था की गई है।लेकिन कागज पर दुरुस्त दिखने वाली इन केंद्रों की व्यवस्था धरातल पर पूरी तरह से लचर नजर आती है। न ही ढंग की व्यवस्था और न ही मरीजों के लिए बेड का इंतजाम और न ही दवा व्यवस्था सही मायने में गंभीर हालत में अस्पताल लाये जाने के बाद मरीजों की मरहम-पट्टी के बाद रेफर कर दिया जाता है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गढ़पुरा में प्रतिदिन सैकड़ों मरीज पहुंचते हैं। ऐसे में इनके इलाज के लिए पर्याप्त संख्या में चिकित्सको को वह स्वास्थ्य कर्मियों की दरकार होती है। लेकिन यहां की व्यवस्था ऐसी की पर्याप्त चिकित्सकीय सुविधा के अभाव में मरीज परेशान हो जाते हैं। आलम यह है कि अव्यवस्था के बीच यहां आने वाले मरीजों को जल्दी रेफर कराना अभिभावकों की मजबूरी बन जाती है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गढ़पुरा में ओपीडी का टाइम सुबह 8:00 बजे से 2:00 बजे तक का शिफ्ट होता है। लेकिन ओपीडी के टाइम में 10:00 बजे से पहले ना ही रजिस्ट्रेशन काउंटर खुल पाता है।नहीं कोई डॉक्टर बैठ पाते हैं। यह बातें ऐसा भी नहीं कि अस्पताल कर्मियों की लापरवाही की समस्या की जानकारी स्वास्थ्य महकमे के आलाधिकारियों को नहीं है। बावजूद इसके स्थिति में सुधार करने का कोई भी प्रयास नहीं किया जा रहा है।लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रखंड क्षेत्र में कई स्वास्थ्य केंद्र एवं उप स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किए गए हैं। लेकिन इन अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्रों की दशा काफी खराब है। आलम यह कि इन केंद्रों पर सप्तहा में केवल 1 दिन ही एएनएम आती जाती है। ऐसे में मरीजों का इलाज नहीं के बराबर हो पाता है। इन केंद्रों पर कर्मियों की कमी एक बड़ी समस्या है। पीएचसी पर महिलाओं को बेहतर इलाज के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई व्यवस्था नहीं की गई है। स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के कारण ही अस्पताल के स्थापना काल से ही महिला डॉक्टर की प्रतिनियुक्ति नहीं करने के कारण पीएचसी में प्रसव कराने की जिम्मेदारी पुरुष डॉक्टर के सहारे एनएम को ही है। कहने को यहा 4 चिकित्सक तैनात है। लेकिन अस्पताल में इनकी मौजूदगी नहीं के बराबर ही होती है।

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