गैस एजेंसी के नाम पर बिकलांग सैनिक से 22 लाख की ठगीजिले में बढ़ रही घटनाओं को लेकर डीआईजी ने किया दौड़ा |केन्द्रीय मंत्री रामविलास पासवान कर सकते हैं बछवाड़ा चौहरमल महोत्सव का उद्घाटन ,तैयारी जोरों परघात लगाए तीन अपराधियों ने ताबड़तोड़ चलाई गोलीबलिया थानाध्यक्ष का पत्रकार को औकात में रहने तक की धमकी, दबंगों का गुलाम है बलिया पुलिसकागज पर दुरुस्त है।गढ़पुरा प्रखंड की प्राथमिक और अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र, मरहम- पट्टी तक ही सुविधामोतीपुर पंचायत में मौत का दस्तक दे रहा 11000 ऊर्जा का बिजली तार।#प्रतिभा संग्राम 2018 के बखरी अनुमंडल का परिणाम घोषित………….खगड़िया जिला में कुल मतदान का प्रतिसतखगड़िया लोकसभा क्षेत्र में आज मतदान जनता ने किया|
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बलिया थानाध्यक्ष का पत्रकार को औकात में रहने तक की धमकी, दबंगों का गुलाम है बलिया पुलिस

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बलिया थानाध्यक्ष का पत्रकार को औकात में रहने तक की धमकी, दबंगों का गुलाम है बलिया पुलिस

बलिया थानाध्यक्ष का पत्रकार को औकात में रहने तक की धमकी, दबंगों का गुलाम है बलिया पुलिस

डीजीपी के आदेश का क्यों नहीं होता अधिकारी पर असर,निर्देश मिलने के बाद भी ढींली दिखते हैं कुछ थानेदार”

बेगूसराय रिपोर्टर -ऋषि कुमार सत्यम

बलिया बेगूसराय बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे ने अपने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिये कि जिसका कोई पैरवी नहीं हो उसे स-सम्मान पूर्वक थाने में बैठाये और एक गिलास पानी देकर और उस पीड़ित से आवेदन ले और मामले की जांच करें। मगर जितना भी दावे करें बिहार के मुखिया प्रशासनिक व्यवस्था सुधारने का प्रयास करते हैं।मगर उनके आदेश का पालन का प्रसासनिक पदाधिकारी नहीं करते हैं। बेगूसराय पुलिस इसी का ताजा उदाहरण जिले के बलिया थाना क्षेत्र स्थिरत कस्बा दियारा गांव जहां एक महिला को ससुराल वालों ने पीट-पीट कर हत्या कर दिया जो कि शरीर पर दिख रहे जख्म से समझ आता था जिसे मृत महिला के परिजन लाश की डेड बॉडी लेकर थाने पहुंचे और बलिया थानाध्यक्ष से एफ•आई•आर करने की अनुरोध करने लगी। मगर मृत महिला के ससुराल की ओर से कुछ महानुभाव(पेरवीकार) पहले से थाने को मैनेज करने के लिए बैठे थे।और मृत महिला के मायके की ओर से आवेदन नहीं लिया जा रहा था और ना ही एफ•आई•आर दर्ज किया जा रहा था जब कुछ बोले तो डांट फटकार भी थाना अध्यक्ष की ओर से भगा दिया गया मृत महिला के परिजन ने अपने क्षेत्र के मटिहानी विधायक नरेंद्र सिंह उर्फ बोगो सिंह को अपने आप बीती सुनाई तब विधायक की ओर से सारी घटना की जानकारी बेगूसराय एसपी को दिया गया मगर थानेदार इतना सख्त की महिला के परिजन को दबाब दे रहे थे।आत्महत्या कहने पर मजबुर कर दिया गया। मगर परिजन की ओर से अपनी बातों पर डटे रहे जब विधयाक कि और से जिले के एसपी को सूचना मिली तब एसपी के आदेश पर बलिया डीएसपी अंजनी कुमार सिंह ने थाना अध्यक्ष से इस घटना के बारे में जानकारी माँगी तब पेरवीकार के पैरों के नीचे से जमीन खिसक गई जब डीएसपी ने एफआईआर दर्ज कर्मो नही लिया गया पूछा तो थानाध्यक्ष के पसीने छूटने लगे और थाने पर मौजूद भीड़ को देखते हुए कुछ विभिन्न संस्था के पत्रकार मौजूद थे उसी पर थाना अध्यक्ष विफर पड़े। और देश के चौथे स्तंभ कहने वाले पत्रकार को औकात में रहने तक का धमकी दे दिया तब डीएसपी अंजनी कुमार ने थाना अध्यक्ष को फटकारते बोले आप मीडिया कर्मी से बात करने का तरीका सीखें नहीं तो मैं विभाग को आपके बारे में जानकारी दूंगा और सारी घटना से अवगत कराऊगा तब जाकर थाना अध्यक्ष शांत हुए और तब थानाध्यक्ष की और से हाई-फाई थाने का ड्रामा खत्म हुआ और एफ•आई•आर दर्ज की गई अब सवाल बनता है कि सभी के पैरविकार क्षेत्र के विधायक नहीं हो सकते और ना ही एसपी तक जानकारी मिल पाती है तब गरीब को आखिर मिले तो मिले न्याय कहां वहीं सीनियर अधिकारी जब बेगूसराय में कैंप करते हैं तो फौरन अपराधी गिरफ्तार होने लगते हैं और नशे के सामान बरामद होने लगते हैं वहीं सीनियर अधिकारी के नहीं कैंप करने पर इतना सुस्त क्यों है बेगूसराय के कुछ थानेदार सूत्रों की मानें तो केवल सीनियर अधिकारी को दिखावा और अपने क्षेत्र में अपराध पर नियंत्रण लगाने में सक्षम अधिकारी है इसलिए सीनियर अधिकारी को खुश करने के लिए चलता है धर-पकड़।यही पहले पकड़ने मै समक्ष हो तब सीनियर अधिकारी को दिशा निर्देश देने के लिए इतना दूर आकर कैंप करने की आवश्यकता नहीं होता।”

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